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Thursday, November 3, 2016

Essay on vigyan vardan ya abhishaap in hindi

Essay on vigyan vardan ya abhishaap in hindi
विज्ञान : वरदान या अभिशाप
मानव समाज के विकास के साथ साथ शिक्षा मे विज्ञान का भी विकास हुआ | विज्ञान का उपयोग मनुष्य समाज ने अपने सांसारिक जीवन मे कई रूप में किया हैं|
विज्ञान एक वरदान  के रूप में :
जीवन के सभी पहलुओ मे विज्ञान के अनगिनत लाभ हैं|परिवहन, चिकित्सा, संचार, अंतरिक्ष, शिक्षा , उद्योग आदि ऐसे अनेक क्षेत्र मे विज्ञान का अभूतपूर्व योगदान रहा हैं|आज विज्ञान के कारण ही,चिकित्सा के क्षेत्र मे कैंसर, हृदय रोग, मलेरिया आदि जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार संभव हो पाया हैं| पोलियो ,खसरा, चेचक जैसी कई बीमारियों का टीकाकरण से रोकधाम विज्ञान द्वारा ही संभव हो पाया हैं|साईकल, रेल, कार, हवाईजहाज आदि के आविष्कार से ही आज दुनिया के किसी भी कोने मे  पहुँचना संभव हो पाया हैं|वर्तमान मे विज्ञान की सहयता से न केवल चंद्रमा अपितु मंगल  गृह पर भी मनुष्य द्वरा निर्मित यान पहुँच चुका हैं| दूरसंचार के क्षेत्र मे विज्ञान के आविष्कार जैसे टेलीफ़ोन, मोबाइलफोन ,इंटरनेट, वाय फाय इत्यादि की सहायता से विश्व मे किसी भी भाग मे रहने वाले व्यक्ति से बात की जा सकती हैं|
न्यूक्लियर पावर , बिजली, टेलिविजन, कम्प्युटर, सिनेमा, शिक्षा ,मनोरंजन आदि अनेक क्षेत्र हैं जहा मनुष्य
समाज को विज्ञान ने अनेक लाभ प्रदान किए है|
विज्ञान एक अभिशाप  के रूप में   :  विज्ञान के जहाँ अनेक लाभ है,वहा कुछ दुष्प्रभाव भी हैं, जो हमारी जीवन  शैली के लिए अभिशाप साबित हो रहे हैं| आज विज्ञान ने मनुष्य के हाथो मे अनेक शक्तिशाली एवं घातक  हथियार थमा दिये हैं, जिनमें सम्पूर्ण विश्व का विनाश करने की ताकत हैं| प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध के काल में विज्ञान के दिये हुए हथियारो एवं मिसाईलो का प्रयोग विज्ञान के बुरे प्रभावों का एक उदाहरण हैं|जीवाश्म ईंधन जैसे पेट्रोल ,डीज़ल के अत्यधिक उपयोग से वायुमंडल मे ग्रीन हाउस गैसो की वृद्धि हो रही हैं जिससे सम्पूर्ण विश्व का तापमान धीरे धीरे बढ़ता जा रहा हैं|
विज्ञान का विकास हमेशा ही मानव समाज को विकसित करने और मनुष्य को लाभ देने के लिए किया जाता रहा हैं|विज्ञान एक ऐसी देन हैं जिसका उपयोग वरदान के रूप मे करना हैं या अभिशाप के रूप मे यह बात केवल मनुष्य-समाज पर निर्भर हैं | यह हम सभी का परम कर्तव्य हैं की विज्ञान का उपयोग हम सावधानी और समझदारी से समाज के हित के लिए करे|                       
Essay on science in hindi.                             
Essay on vigyan vardan ya abhishaap in hindi